साहित्य / कविताएं
मेरी आवाज़ सुनो
2013-01-26 06:32 PM को कविताएं पर प्रकाशित
वे वजह उलझना मेरी फितरत नहीं है !
जुल्मो को मैं सहता नहीं,
पलटकर वार करता हूँ मैं,
आक्रोश को मैं छिपाता नहीं !
चुप रहना मेरी आदत है,
बहस मैं करता नहीं,
दादागिरी जो करते हैं, …
[ लेखक : हरेन्द्र सिंह रावत ]
[ लेखक : हरेन्द्र सिंह रावत ]
जिंदगी
2013-01-26 06:19 PM को कविताएं पर प्रकाशित
दीप्ति शर्मा
जिंदगी की सच्चाई
को छुपाते हुए
हर हाल में बस
मुस्कुराते हुए
गुजर जाता है लम्हा
कभी कभी ।
गुजरे इस लम्हें में
क्या जीवन भी
गुजर सकता है?
शायद हाँ
शायद नहीं भी
बिन सच्चाई अपनाये
ना…
वो अधजली लौ
2013-01-26 06:17 PM को कविताएं पर प्रकाशित
दीप्ति शर्मा
रौशनी तो उतनी ही देती है
कि सारा जहाँ जगमगा दे
निरंतर जल हर चेहरे पर
खुशियों की नदियाँ बहा दे
फिर भी नकारी जाती है क्यों??
वो अधजली लौ
मूक बन हर विपत्ति सह
पराश्रयी बन जलती…
फसल
2013-01-26 06:16 PM को कविताएं पर प्रकाशित
दीप्ति शर्मा
वर्षों पहले बोयी और
आँसूओं से सींची फसल
अब बड़ी हो गयी है
नहीं जानती मैं!!
कैसे काट पाऊँगी उसे
वो तो डटकर खड़ी हो गयी है
आज सबसे बड़ी हो गयी है
कुछ गुरूर है उसको
मुझे…
शब्द
2013-01-26 06:14 PM को कविताएं पर प्रकाशित
दीप्ति शर्मा
वो शब्द छोड़ दिये हैं असहाय
विचरने को खुले आसमान में
वो असहाय हैं, निरुत्तर हैं
कुछ कह नहीं पा रहे या
कभी सुने नहीं जाते
रौंध दिये जाते हैं सरेआम
इन खुली सड़को पर
संसद भवन के…
सुनसान रास्तें
2013-01-26 06:13 PM को कविताएं पर प्रकाशित
दीप्ति शर्मा
डर सा लगता है
अकेले चलने में
अँधियारे और तन्हा से
उन सुनसान रस्तों पर ।
जहाँ कोई नहीं गुजरता
बस एक एहसास है मेरा
जो विचरता है ठहरता है
और फिर चल पड़ता है
उन सुनसान…
