सूर्या रोशनी ने राजस्थान की सोसायटियों के साथ मिलकर ई-वेस्ट प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया
जयपुर, अगस्त 2026:
जागरूकता और संग्रह अभियान जयपुर की चार आवासीय सोसायटियों—रॉयल ग्रीन अपार्टमेंट, वर्धमान संपदा, वर्धमान सिल्वर क्राउन और केडिया द ऑक्सीजन—में चलाया गया। इस दौरान निवासियों से पुराने और अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक एवं विद्युत उत्पादों, जैसे लाइटिंग उत्पाद, घरेलू उपकरण और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान, को अधिकृत रीसाइक्लिंग चैनलों के माध्यम से निपटाने की अपील की गई।
देश में इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के बढ़ते उपयोग के साथ ई-वेस्ट का प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। यदि इसका सही तरीके से निपटान न किया जाए तो यह पर्यावरण को नुकसान पहुंचा सकता है और कई मूल्यवान संसाधनों की बर्बादी भी होती है। इस पहल के माध्यम से सूर्या रोशनी ने लोगों को जिम्मेदार ई-वेस्ट निपटान के महत्व और पर्यावरण संरक्षण में उनकी भूमिका के बारे में जागरूक करने का प्रयास किया।
कंपनी ने पूरे देश में ई-वेस्ट संग्रहण का एक मजबूत नेटवर्क विकसित किया है, जिसके माध्यम से उपभोक्ताओं से ई-वेस्ट एकत्र कर अधिकृत रीसाइक्लिंग केंद्रों तक सुरक्षित रूप से पहुंचाया जाता है। सूर्या रोशनी ई-वेस्ट (प्रबंधन) नियम, 2022, बैटरी वेस्ट मैनेजमेंट नियम तथा प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट नियम, 2016 के तहत अपनी सभी जिम्मेदारियों का पूरी तरह पालन करती है और सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त रीसाइक्लर्स के साथ मिलकर पर्यावरण अनुकूल रीसाइक्लिंग सुनिश्चित करती है।
इस अवसर पर सूर्या रोशनी लिमिटेड के
उपभोक्ता स्तर पर चलाए जा रहे अभियानों के अलावा, सूर्या रोशनी ने अपने विनिर्माण संयंत्रों में भी ई-वेस्ट प्रबंधन के लिए स्पष्ट मानक संचालन प्रक्रियाएं (SOPs) लागू की हैं। कंपनी संसाधनों की पुनर्प्राप्ति और पुन: उपयोग को बढ़ावा देने वाली उन्नत प्रक्रियाओं का भी समर्थन करती है, जिससे पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने में मदद मिलती है।
यह पहल सूर्या रोशनी की व्यापक सतत विकास (सस्टेनेबिलिटी) रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, नियामकीय अनुपालन, सर्कुलर इकोनॉमी और जिम्मेदार विनिर्माण को बढ़ावा देना है। जागरूकता और सुरक्षित रीसाइक्लिंग को प्रोत्साहित करके कंपनी एक स्वच्छ, सुरक्षित और हरित भविष्य के निर्माण में अपना योगदान दे रही है।
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