सस्‍टेनेबल सिटीज़ चैलेंज’ के विजेताओं की घोषणा काशी के पुराने ऐ‍ेतिहासिक शहर में भीड़ प्रबंधन और सतत मोबिलिटी समाधानों को आगे बढ़ाने की सार्थक पहल

जुलाई 20, 2026 - 12:46
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सस्‍टेनेबल सिटीज़ चैलेंज’ के विजेताओं की घोषणा काशी के पुराने ऐ‍ेतिहासिक शहर में भीड़ प्रबंधन और सतत मोबिलिटी समाधानों को आगे बढ़ाने की सार्थक पहल


वाराणसी, 20 जुलाई : हमेशा से ही श्रद्धालुओं की आस्‍था और आकर्षण का केंद्र रहे बनारस के पुराने शहर में भक्‍तों की लगातार बढ़ती भीड़ के कुशल प्रबंधन, पैदल चलने की स्थितियों को बेहतर बनाने, गंतव्‍यों तक श्रद्धालुओं और आम लोगों की पहुंच को बेहतर बनाने के लिये इनोवेटिव मोबिलिटी और कुशल भीड़ प्रबंधन के सर्वोत्‍तम सुझाव प्राप्‍त करने के उद्देश्‍य से शुरू किये गये ‘सस्‍टेनेबल सिटीज़ चैलेंज’ वाराणसी के विजेताओं के नामों की घोषणा कर दी गयी है।
वाराणसी नगर निगम के नेतृत्‍व में टोयोटा मोबिलिटी फ़ाउंडेशन (टीएमएफ़), चैलेंज वर्क्‍स और डब्‍ल्‍यू आर आई इंडिया के सहयोग से शुरू किये गये ‘सस्‍टेनेबल सिटीज़ चैलेंज’ में ‘सिटीडेटा.एआई’ और निप्‍पोन कोए के ‘सिटीफ़्लो’ तथा द अर्बनाइज़र के ‘जनजात्रा’ को विजेता के तौर पर चुना गया है। इन विजेताओं को काशी में अपने समाधानों को आगे बढ़ाने के लिये वित्‍तीय और परामर्शी सहयोग मिलेगा। इसके अलावा वोजिक एआई के ‘बेहतर वे’ और प्रमेया कंसल्टिंग के ‘नयी चाल’ को वाराणसी में अधिक समावेशी और दक्षतापूर्ण मोबिलिटी सुनिश्चित करने की दिशा में अपने योगदान के लिये ‘ऑनरेबल मेंशंस’ के तौर पर मान्‍यता दी गयी है।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री श्री अरविंद कुमार शर्मा भी शामिल हुए। उन्होंने 'सस्टेनेबल सिटीज चैलेंज' की इस पूरी प्रक्रिया के दौरान सामने आए इनोवेटिव समाधानों को व्यापक स्तर पर लागू किए जाने की आशा व्यक्त की और काशी में इनके प्रभाव को लेकर आशान्वित दिखे।
वाराणसी की धरोहर माने जाने वाले घनी आबादी वाले क्षेत्रों से लाखों तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और आम लोगों की मुश्किल भरी आवाजाही को ध्‍यान में रखते हुए तैयार किये गये ये समाधान दरअसल उन्‍नत तकनीक और मानव-केंद्रित डिज़ायन मिलकर आवागमन को बेहतर और सुरक्षित बनाते हैं तथा अधिक सक्रिय भीड़ प्रबंधन में मदद करते हैं।
सिटीडेटा.एआई द्वारा निप्‍पोन कोए के साथ मिलकर विकसित किये गये समाधान ‘सिटीफ्लो’ में भीड़ की आवाजाही पर हर समय नजर रखने और अधिकारियों को यातायात जाम की स्थिति वाले क्षेत्रों को पहचान कर उनके समाधान में मदद करने के लिये व्‍यापक डेटा, कम्‍प्‍यूटर विज़न और जेनरेटिव एआई का इस्‍तेमाल किया गया है। द अर्बनाइज़र द्वारा तैयार किये गये समाधान ‘जनजात्रा’ में रास्‍ते दिखाने के लिये कलर कोडिंग का इस्‍तेमाल किया गया है जो गतिमान डिजिटल संकेतक और टैक्टिकल अर्बनिज्‍़म रणनीतियों को साथ जोड़कर मार्ग निर्देशन में सुधार करता है और पैदल चलने के लिये इस्‍तेमाल किये जाने वाले रास्‍तों पर दबाव को कम करता है। ‘द ऑनरेबल मेंशंस’ सटीक मोबिलिटी समाधानों के जरिये इन प्रयासों को पूर्ण करते हैं। वोजिक एआई द्वारा विकसित किया गया ‘बेहतर वे’ एक एआई हाइपरलोकल पैदल मार्ग निर्देशन मंच है। वहीं, प्रमेया कंसल्टिंग द्वारा विकसित किया गया ‘नयी चाल’ काशी के पुराने शहर में वल्‍नरेबल वर्गों के लिए सुलभता और नेविगेशन को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करता है।
विजेताओं का यह चुनाव दो साल तक चली लम्‍बी प्रक्रिया के बाद हुआ है। इस पूरी प्रक्रिया में इनोवेटर्स, नगरीय प्रशासन के अधिकारी, मोबिलिटी के विशेषज्ञ और स्‍थानीय हितधारक काशी के पुराने शहर में भीड़ और पैदल आवागमन के प्रबंधन के सर्वोत्‍तम समाधान निकालने के लिये एक मंच पर आये। जैसे-जैसे विनिंग और ऑनरेबल मेंशन समाधानों ज़मीन पर उतारकर आगे बढ़ाये जाएंगे, वैसे-वैसे उनसे स्‍थानीय नागरिकों और पर्यटकों के लिये वाराणसी के प्रमुख ऐतिहासिक नगरीय क्षेत्र में भ्रमण के एक अधिक सुरक्षित, अधिक सुगम और निर्बाध अनुभव देने की उम्‍मीद होगी।
वाराणसी नगर निगम के नगर आयुक्‍त और वाराणसी स्‍मार्ट सिटी लिमिटेड के सीईओ श्री हिमांशु नागपाल ने कहा, "बनारस की तंग गलियों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में लाखों श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्‍थानीय लोगों के आवागमन का प्रबंधन करने के लिये एक नये दृष्टिकोण की ज़रूरत है जो विरासत के संरक्षण और आधुनिक नगरीय प्रबंधन के बीच बेहतर संतुलन बना सके। टोयोटा मोबिलिटी फ़ाउंडेशन के सस्‍टेनेबल सिटीज़ चैलेंज के ज़रिये सामने आये समाधान यह दिखाते हैं कि डेटा संचालित प्रौद्योगिकियां, मार्गसूचक इनोवेशंस और मानव-केंद्रित डिजायन से भीड़ प्रबंधन की चुनौतियों का किस तरह से बेहतर पूर्वानुमान लगाकर और भी प्रभावी तरीके से उनका समाधान किया जा सकता है। ऐसे में जब वाराणसी वैश्विक स्‍तर पर सांस्‍कृतिक और आध्‍यात्मिक गंतव्‍य बनता जा रहा है, भीड़ प्रबंधन के ये नये उपाय वाराणसी के ऐतिहासिक हिस्‍से में अधिक सुरक्षित, ज्‍यादा दक्षतापूर्ण और अधिक सुगम आवागमन सुनिश्चित करने में मदद करेंगे। ’’
टोयोटा मोबिलिटी फाउंडेशन के एग्जिक्‍यूटिव प्रोग्राम डायरेक्‍टर प्रसन्‍ना गणेश ने कहा, ‘‘आज जिन इनोवेटर्स को सम्मानित किया जा रहा है उन्होंने एक ऐतिहासिक शहर की चुनौतियों को इनोवेशन के अवसरों में सफलतापूर्वक परिवर्तित किया है। उनके समाधान अब सिर्फ़ शुरुआती विचार से आगे बढ़कर शहर के अधिकारियों को भीड़-भाड़ का कुशलतापूर्वक प्रबंधन करने में मदद कर रहे हैं।साथ ही वाराणसी में रहने वालों और आने-जाने वालों को ज़्यादा आसान, सुरक्षित और सुविधाजनक सफ़र का अनुभव दे रहे हैं। टोयोटा मोबिलिटी फ़ाउंडेशन में हम ऐसे व्यावहारिक और बड़े स्तर पर लागू किए जा सकने वाले इनोवेशन पर ध्यान देते हैं जो टेक्नोलॉजी, सस्टेनेबिलिटी और सहयोग को एक साथ लाते हैं। हमारा लक्ष्य ऐसे मोबिलिटी इकोसिस्टम्‍स बनाने में मदद करना है जो लोगों के जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाएँ और सभी के लिए मोबिलिटी सुनिश्चित करें।”
चैलेंज वर्क्‍स में सिटीज़ एंड सोसाइटीज़ शाखा की निदेशक कैथी नॉथस्‍टीन ने कहा, “वाराणसी शहर अत्‍यंत ऐतिहासिक और आध्यात्मिक माहौल में अत्याधुनिक इनोवेशन को अपनाकर दुनिया को दिखा रहा है कि भविष्य की टेक्नोलॉजी और जनकेंद्रित शहरी डिज़ाइन को कैसे एक साथ लाया जा सकता है। हम यह देखने के लिए बहुत उत्सुक हैं कि सस्‍टेनेबल सिटीज़ चैलेंज वाराणसी के विजेता किस तरह ऐसे समाधान लागू करना जारी रख सकेंगे, जिनसे लोगों को शहर में सुरक्षित और आनंद दायक तरीके से आने-जाने में मदद मिलेगी।”
डब्‍ल्‍यू आर आई आई में सस्‍टेनेबल सिटीज़ एंड ट्रांसपोर्ट शाखा के प्रमुख अविनाश दुबेदी ने कहा, ‘‘वाराणसी ने यह दिखा दिया कि ऐतिहासिक शहर मोबिलिटी से जुड़ी मौजूदा चुनौतियों से निपटने के लिए इनोवेशन का इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं। चुने गए समाधानों में रियल-टाइम डेटा, डिजिटल टेक्नोलॉजी, शहरी डिज़ाइन, लोगों के व्यवहार की समझ और सुगमता को ध्यान में रखकर बनायी गई योजना का मेल है ताकि पैदल चलने वालों की आवाजाही को बेहतर ढंग से प्रबंधित किया जा सके। यह समाधान भीड़-भाड़ कम करने के अलावा ऐसे सार्वजनिक स्‍थल बनाने का तरीका भी बताते हैं जो लोगों पर केंद्रित हों और शहर की खास पहचान को बनाए रखते हुए सुरक्षा, पहुंच और आगंतुकों के अनुभव को बेहतर बनाएं। जैसे-जैसे ये समाधान बड़े पैमाने पर लागू होंगे वैसे-वैसे वाराणसी दुनिया भर के उन धरोहर वाले शहरों के लिए एक मिसाल बन सकता है जो आवाजाही के प्रबंधन को सबके लिए सुलभ शहरी डिज़ाइन के साथ जोड़ना चाहते हैं। ’’
इसके अलावा टोयोटा मोबिलिटी फाउंडेशन भारत में अपनी विभिन्‍न पहलों के प्रभावी ढंग से क्रियान्‍वयन के उद्देश्‍य से ज़मीनी स्‍तर पर सहयोग और कार्यों को विस्‍तार देने के लिये टोयोटा किर्लोस्‍कर मोटर के साथ मिलकर काम करता है। 
टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के कंट्री हेड और एग्ज़िक्यूटिव वाइस प्रेसीडेंट – कॉरपोरेट अफ़ेयर्स श्री विक्रम गुलाटी ने कहा, ‘‘चुनी गई टीमों ने भारत की ऐतिहासिक धरोहरों के सतत प्रबंधन में योगदान देने वाले नए और अनोखे समाधान विकसित करने में जो प्रतिबद्धता, रचनात्मकता और सूझबूझ दिखाई है उससे हम वास्‍तव में बहुत प्रेरित हैं। उनके विचार वाराणसी में भीड़-भाड़ के प्रबंधन को बेहतर बनाने के साथ-साथ शहरी आवाजाही और सार्वजनिक सुरक्षा के नए मानक स्थापित करने के शानदार अवसर पेश करते हैं। हम वास्‍तविक दुनिया की चुनौतियों से निपटने और समाज पर सार्थक प्रभाव डालने के लिए इनोवेशन का इस्तेमाल करने की उनकी कोशिशों की सराहना करते हैं।”

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