ज्योत इंडिया फाउंडेशन द्वारा भारत सरकार के विदेश मंत्रालय (MEA) के सहयोग से ‘वसुधैव कुटुंबकम् की ओर

जनवरी 14, 2026 - 19:16
जनवरी 14, 2026 - 19:22
 0
ज्योत इंडिया फाउंडेशन द्वारा भारत सरकार के विदेश मंत्रालय (MEA) के सहयोग से ‘वसुधैव कुटुंबकम् की ओर

 

4.0’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह सप्ताह भर चलने वाला राष्ट्रीय–अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 16 से 22 जनवरी 2026 तक ऑगस्ट क्रांति मैदान, मुंबई में आयोजित होगा।
मुंबई | वैश्विक अस्थिरता, विश्वास के संकट और व्यवस्थागत बदलावों के दौर—‘संक्रमण काल’ (Sankraman Kaal)—में यह सम्मेलन भारत की सभ्यतागत सोच के आधार पर न्यायपूर्ण, स्वतंत्र और संतुलित विश्व व्यवस्था का ठोस रोडमैप प्रस्तुत करेगा।
सम्मेलन का आयोजन H.H. Spiritual Sovereign जैनाचार्य युगभूषणसूरीजी महाराज के पावन सान्निध्य में किया जा रहा है। इस पहल का मूल उद्देश्य भारतीय संविधान के 75 वर्षों को हजारों वर्षों की भारतीय ज्ञान-परंपरा से जोड़ते हुए ‘न्याय के शासन’ (Rule of Justice) को केंद्र में लाना है—जो परिवार से लेकर समाज, राष्ट्र और विश्व तक लागू हो।
भारत की सोच, वैश्विक समाधान
‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की भावना पर आधारित यह सम्मेलन 12 कालातीत सिद्धांतों के माध्यम से कानून, शासन, भू-राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज और नैतिक मूल्यों पर गहन विमर्श करेगा। यह भारत का वह दृष्टिकोण है, जो आज के वैश्विक संकटों के बीच व्यावहारिक और टिकाऊ समाधान प्रस्तुत करता है।
परिवर्तन के तीन मजबूत स्तंभ
सम्मेलन की सबसे बड़ी विशेषता इसका तीन-इंजन मॉडल है, जो विचारों को नीति और सामाजिक बदलाव में बदलने की क्षमता रखता है।
इंजन 1: नीति निर्माता और नौकरशाही
विदेश मंत्रालय के समर्थन से NGO–Government साझेदारी को नई दिशा मिल रही है। उच्चस्तरीय पैनल चर्चाओं और बंद कमरे की बैठकों के जरिए राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय नीतिगत सुधारों पर मंथन होगा।
इंजन 2: युवा और विद्यार्थी
भविष्य के नेतृत्व को तैयार करने के लिए विशेष Student Engagement Zone बनाया गया है। इसमें मूट कोर्ट, मॉडल यूनाइटेड नेशंस (MUN), स्ट्रीट प्ले और नालंदावाद जैसे नवाचार शामिल होंगे।
इंजन 3: समाज
नीतियों की सफलता समाज की भागीदारी से तय होती है। 25,000 वर्गफुट के शोध-आधारित प्रदर्शनी क्षेत्र, संवादात्मक कार्यक्रमों और सार्वजनिक चर्चाओं के माध्यम से आम जनता को इस विचार-यात्रा का हिस्सा बनाया जाएगा।
सम्मेलन की प्रमुख झलकियां (16–22 जनवरी 2026)
• कानून, शासन, अर्थव्यवस्था, समाज और नैतिकता पर 10 प्रमुख थीम सत्र
• न्यायाधीशों, राजनयिकों, नीति निर्माताओं और विचारकों के साथ क्लोज्ड-डोर राउंडटेबल
• 25,000 वर्गफुट की रिसर्च प्रदर्शनी—वसुधैव कुटुंबकम् के 12 सिद्धांतों पर आधारित
• भारतीय संविधान के 75 वर्षों पर विशेष कानूनी प्रदर्शनी
• छात्र सहभागिता क्षेत्र: मूट कोर्ट, MUN, स्ट्रीट प्ले, नालंदावाद
• शिक्षा, पर्यावरण, मीडिया, शासन और उद्यमिता पर दैनिक पॉडकास्ट
• मीडिया के लिए विशेष विजुअल, प्रदर्शनी वॉकथ्रू और एक्सपर्ट बाइट्स
संभावित/पुष्ट गणमान्य अतिथि
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी. आर. गवई, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी, बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, भारत की पूर्व UN प्रतिनिधि राजदूत रुचिरा कंबोज सहित कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय हस्तियां सम्मेलन में भाग लेंगी।
मजबूत संस्थागत समर्थन
सम्मेलन को विदेश मंत्रालय के अलावा विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन, इंडिया फाउंडेशन, नालंदा विश्वविद्यालय, महाराष्ट्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, मुंबई विश्वविद्यालय, बॉम्बे बार एसोसिएशन सहित कई प्रतिष्ठित संस्थाओं का सहयोग प्राप्त है।
आयोजकों का कहना
ज्योत इंडिया फाउंडेशन के अनुसार, संक्रमण काल में भारत की सभ्यतागत दृष्टि को वैश्विक मंच पर मजबूती से रखना, न्याय आधारित विश्व व्यवस्था का खाका पेश करना और समाज के हर वर्ग को इस विमर्श से जोड़ना ही इस सम्मेलन का मूल उद्देश्य है।
कार्यक्रम एक नजर में
• कार्यक्रम: वसुधैव कुटुंबकम् की ओर 4.0
• थीम: संक्रमण काल
• तिथि: 16–22 जनवरी 2026
• स्थान: ऑगस्ट क्रांति मैदान, मुंबई
• आयोजक: ज्योत इंडिया फाउंडेशन (विदेश मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से)
• मार्गदर्शन: H.H. Spiritual Sovereign जैनाचार्य युगभूषणसूरीजी महाराज
यह सम्मेलन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की विचारधारा से प्रेरित एक नए, न्यायपूर्ण वैश्विक विमर्श की शुरुआत माना जा रहा है।

 

आपकी प्रतिक्रिया क्या है?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow