कर्मचारियों को नौकरी से क्यों निकाल रहीं बड़ी कंपनियां, भारत में इसका क्या असर?

कर्मचारियों को नौकरी से क्यों निकाल रहीं बड़ी कंपनियां, भारत में इसका क्या असर?

पिछले कुछ महीने में दुनियाभर की कई कंपनियों ने बड़ी संख्या में अपने कर्मचारियों को नौकरी से निकाल है। ट्विटर और मेटा के बाद अब अमेजन भी इसकी तैयारी कर रही है। इनके अलावा भी स्नैपचैट, माइक्रोसॉफ्ट, इंटेल और एपल जैसी कई कंपनियां छंटनी कर रही हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो अलग-अलग कंपनियों ने पिछले दो महीने के अंदर डेढ़ लाख से ज्यादा लोगों को नौकरी से बाहर किया है। ये सिलसिला अभी भी जारी है। कई बड़े अर्थशास्त्री आशंका व्यक्त कर चुके हैं कि आने वाले समय में इससे भी बुरा दौर देखने को मिल सकता है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर अचानक से बड़ी कंपनियां क्यों लोगों को नौकरी से निकालने लगी हैं?  भारत में इसका क्या असर पड़ेगा? क्या ये मंदी की आहट है?

एलन मस्क ने जब से माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर का अधिग्रहण किया है, तब से  हर रोज मस्क नए एलान कर रहे हैं। ट्विटर से अब तक लगभग 3,700 लोगों को नौकरी से निकाला जा चुका है। आने वाले दिनों में और भी छंटनी हो सकती है। कंपनी ने नई भर्ती पर भी रोक लगा दी है। कंपनी का अधिग्रहण करने के बाद जिन लोगों को सबसे पहले बाहर किया गया उनमें ट्विटर के सीईओ पराग अग्रवाल, सीएफओ नेड सेगल और लीगल हेड विजया गाड्डे शामिल थे।