सुरक्षित बने राजधानी
1976 बैच के आईपीएस अधिकारी नीरज कुमार को दिल्ली पुलिस के कमिशनर पद की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसमें कोई दोराय नहीं कि उनके पूववर्ती बी के गुप्ता ने, जो आज ही रिटायर हो रहे हैं, दिल्ली को सुरक्षित व आतंक मुक्त बनाने की दिशा में सराहनीय प्रयास किए। परंतु बेहतरी की कोशिशें कभी पूरी नहीं होतीं। इसलिए नीरज कुमार का दायित्व और भी बढ़ जाता है। सबसे पहले तो उनके सामने स्थानीय व्यवस्था को दुरुस्त बनाने की चुनौती होगी, क्योंकि आए दिन राजधानी की छोटी-मोटी गलियों व स्लम बस्तियों में चोरी, झपटमारी व लूटपाट की घटनाएं घटती रहती हैं। इस पर लगाम लगाने की जरूरत है, तभी स्थानीय लोग बेखौफ होकर अपने रोजमर्रा के कामकाज कर सकेंगे। अपराधियों का दुस्साहस इतना बढ़ गया है कि अब वे जनता के नुमाइंदों को भी खुलेआम निशाना बनाने लगे हैं। पिछले दिनों ही दिल्ली के एक विधायक पर गोलीबारी की घटना हुई। इसलिए नए पुलिस कमिश्नर के लिए एक बड़ी चुनौती है कि वह अपराध मुक्त दिल्ली के निर्माण का भरोसा इसके बाशिंदों में बहाल कर पाएं।
