एक आईडिया जो बदल दे आपकी दुनिया ---------------- 2

2011-10-21 06:50 PM को जरा हटके पर प्रकाशित

 

 

नई दिल्ली। देश की मशहूर मोबाईल सेवा प्रदाता कंपनी आईडिया के ग्राहकों की संख्या में तेजी से इजाफे से अन्य मोबाईल सेवा प्रदाता बुरी तरह चौंके हुए हैं। अन्य मोबाईल सेवा प्रदाता कंपनियों द्वारा इस बारे में शोध किया जा रहा है कि आखिर आईडिया कंपनी ने किस मार्केटिंग स्टटर्जी को अपनाया हुआ है। शोध पर ज्ञात हुआ कि आईडिया के अधिकारियों द्वारा जिला स्तर पर दिए गए नए मोबाईल कनेक्शन के भारी भरकम टारगेट को पूरा करने के लिए रिटेलर द्वारा साम, दाम, दण्ड और भेद की नीति अपनाई जा रही है।

एक उपभोक्ता ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया कि उसने आईडिया का इंटरनेट कनेक्शन लिया। उसने पहले थ्री जी फिर टूजी कनेक्शन को लिया। नेट सेटर लेने पर उसे बताया गया कि पहले एक माह उसे इंटरनेट ब्राउजिंग अनलिमिटेड दी जाएगी। अमूमन उपभोक्ताओं द्वारा रिटेलर की बात पर ही यकीन कर कनेक्शन ले लिया जाता है। आरोपित है कि आईडिया के रिटेलर्स द्वारा न तो आईडिया के ब्रोशर्स ही जिसमें इस तरह के आकर्षक लुभावने ऑफर का उल्लेख होता है और ना ही लिखित तौर पर कुछ प्रदाय किया जाता है।

एक बार जब उपभोक्ता द्वारा अपने सेवा प्रदाता के तौर पर आईडिया को चुन लिया जाता है तो फिर आरंभ होता है उपभोक्ताओं को ठगने का अनवरत चलने वाला सिलसिला। उक्त उपभोक्ता ने बताया कि दो दिन तो उसका इंटर नेट उसके आईडिया के नेट सेटर से ठीक ठाक चला। बाद में अचानक वह बंद हो गया। जब वह उपभोक्ता अपनी शिकायत दर्ज कराने आईडिया के अधिकृत काउंटर पर गया, तो वहां उपस्थित कर्मचारी ने उसकी शिकायत लेने से साफ इंकार कर दिया।

इतना ही नहीं उक्त उपभोक्ता को आईडिया के अधिकृत काउंटर पर उपस्थित उक्त कर्मचारी द्वारा यह भी बताने से इंकार कर दिया गया कि वह अपनी शिकायत दर्ज कहां कराए। उपभोक्ता को पांच दिन तक बार बार बुलाकर चेक करने का हवाला दिया जाता रहा। अंततः छटवें दिन उक्त उपभोक्ता को यह कहकर वापस कर दिया गया कि उसके द्वारा दिए गए दस्तावेज मान्य नहीं है। जब उक्त उपभोक्ता द्वारा यह कहा गया कि उसका परिचय पत्र और उसका चालक अनुज्ञा पत्र वेध है तो उक्त कर्मचारी द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया। लुटा पिटा उपभोक्ता तो घर लौट गया किन्तु आईडिया की ग्राहक संख्या में एक का इजाफा हो गया। इस तरह देश भर में आईडिया द्वारा लाखों ग्राहकों के साथ इस तरह का बर्ताव किया जा रहा हो तो किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिए।

लिमटी खरे

लेखक/रचनाकार: लिमटी खरे

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