अधकचरा सेक्स ज्ञान देती हैं किताबें

2011-08-30 02:40 PM को सेक्स और समाज पर प्रकाशित

आज के तकनीक के दौर में वैसे तो सेक्स से जुड़ी हर छोटी बड़ी बात, जिज्ञासा आप इंटरनेट, फोन के जरिए अपना ज्ञान बढ़ा सकते हैं, लेकिन फिर भी भारतीय समाज में पुस्तके ही इंसान का सेक्स ज्ञान बढ़ाने की सबसे अच्छी दोस्त साबित होती है। यही वजह है कि आप किसी भी बुक स्टाॅल पर जाइए, आपको सेक्स से जुड़ी ढेरों, दर्जनों किताबें मिल जाएगी। इसकी वजह यह है कि भारतीय समाज में यह मान्यता है कि सेक्स के मामलें में किताबें ही सबसे करीबी दोस्त होती हैं। लेकिन अब यह मान्यता बदलती दिखाई दे रही है। एक सर्वे के मुताबिक रोमांटिंक किताबें हमेशा अच्छी दोस्त साबित नहीं होती हैं। क्योंकि जिनको किताबें पढ़नी आदत होती है, वो उसी की तरह व्यवहार करने लगते हैं। किताबों में जो ज्ञान होता है उससे युवागण भटक भी सकते हैं क्योंकि वो उसी को आधार बनाकर जीने लगते हैं। इसका दुष्परिणाम यह होता है कि युवा मनोरंजित और सुखी होने के बजाय भ्रमित और कई भयावह यौन रोगों के शिकार हो जाते हैं। इसका फायदा उठाते हैं गली-मोहल्ले में कुकुरमुत्ते की तरह उग आए वे डाक्टरी संस्थान, जो गुप्त रोगों के इलाज के बहाने हजारों-लाखों वसूल लेते है। 

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