जीवन दर्शन / जीवन-निर्माण



सर्व समर्थ परमेश्वर

2013-04-09 09:05 AM को जीवन-निर्माण पर प्रकाशित
  तर्कशास्त्र के विद्वान पंडित रामनाथ ने नवद्वीप के पास एक निर्जन वन में विद्यालय स्थापित किया था। उसमें वे विद्यार्थियों को शास्त्रों का ज्ञान दिया करते थे। उस समय कृष्ण नगर में महाराज शिवचंद्र का शासन था। महाराज नीतिकुशल…

"ईमानदारी का अवलंबन ही श्रेयस्कर

2012-07-28 09:07 AM को जीवन-निर्माण पर प्रकाशित
  थोड़ी देर के लिए यह मान भी लिया जाए कि ईमानदारी से बेईमानी की तुलना में कमाई कम होती है, तो भी अपनी चिरस्थायी विशेषताओं के कारण आर्थिक दृष्टिकोण से भी ईमानदारी का अवलंबन ही श्रेयस्कर है। पसीने की…

एक शानदार समर्पण

2012-07-26 09:39 AM को जीवन-निर्माण पर प्रकाशित
  एक दिन यूरोप के महान विद्वान दिदरो के पासएक युवक आया और बोला . मैंने एक किताबलिखी है। मैं चाहता हूं कि छपने के पहले आप उसेएक बार देख लें और अपनी प्रतिक्रिया मुझे बताएं।दिदरो ने उसे अगले दिन…

आदमी और शेर

2011-10-24 02:32 PM को जीवन-निर्माण पर प्रकाशित
    एक बहुत ही ग़रीब आदमी, रोज जंगल में जाता,लकड़ी  काट कर लाता बहुत मुश्किल से अपने परिवार का पालन कर पाता !  एक दिन लकड़ी काटते काटते अचानक उसे मूर्छा आ गयी और वह   नीचे ज़मीन पर…

[ लेखक : हरेन्द्र सिंह रावत ]

परख

2011-10-17 07:13 PM को जीवन-निर्माण पर प्रकाशित
  चंद्रपुर नामक एक सुंदर देश में चंद्रेश नामक राजा राज्य करता था!  जैसा नाम वैसे ही गुण से भरपूर था राजा ! वीर, धीर गंभीर, जागरूक   चरित्रवान्, गुणवान और प्रजा पालक दयालु राजा थे चंद्रेश ! प्रजा में…

[ लेखक : हरेन्द्र सिंह रावत ]

पुरुषार्थ

2011-09-20 03:26 PM को जीवन-निर्माण पर प्रकाशित
  एक राही को बहुत भूख लग रही थी। उसने सामने आम्र-वृक्ष देखा तो आम खाने के लिए पत्थर मारकर उसे तोड़ने लगा। उसने जितनी बार पत्थर मारा उतनी बार फल गिरा।             उसको ऐसा करते देख वृक्ष ने कहा-'तुम…

[ लेखक : डॉ उमेश पुरी 'ज्ञानेश्‍वर' ]
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